भारत मंडपम में आयोजित होने वाले इस दो दिवसीय शिखर सम्मेलन की शुरुआत से पहले हुई इस महामुलाकात में कई ऐतिहासिक समझौतों पर मुहर लगी है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, दोनों देशों के बीच कच्चे तेल (Crude Oil) की निर्बाध आपूर्ति, S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम की अगली खेप और एडवांस्ड फाइटर जेट्स की डील्स को लेकर बेहद सकारात्मक बातचीत हुई है। इसके अलावा, पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों को दरकिनार करते हुए भारत और रूस ने अपनी स्थानीय मुद्राओं (रुपया और रूबल) में व्यापार को और अधिक तेज़ी से आगे बढ़ाने पर सहमति जताई है।
यह शिखर सम्मेलन इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि इस बार ब्रिक्स (BRICS) में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी हिस्सा ले रहे हैं। दिल्ली को इस महासमिट के लिए पूरी तरह एक अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है। जानकारों का मानना है कि नई दिल्ली में पुतिन और मोदी की यह मुलाकात वैश्विक मंच पर महाशक्तियों के संतुलन को बदलने वाली साबित होगी, जिससे अमेरिका और यूरोपीय देशों में खलबली मच गई है।