वैश्विक तेल संकट—सऊदी अरब का बड़ा फैसला; प्रमुख तेल पाइपलाइन को किया पूरी तरह बंद, कच्चे तेल में लगी भीषण आग!

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 रियाद/नई दिल्ली:
वैश्विक ऊर्जा बाज़ार से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। यमन के हूती लड़ाकों द्वारा लगातार किए जा रहे ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद, सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय ने देश की मुख्य क्रॉस-कंट्री ईस्ट-वेस्ट तेल पाइपलाइन को तत्काल प्रभाव से पूरी तरह बंद करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। सऊदी सरकार का कहना है कि यह कदम सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने और तेल रिफाइनरियों को बड़े नुकसान से बचाने के लिए उठाया गया है। लाल सागर (Red Sea) में पहले से ही वाणिज्यिक जहाजों पर हो रहे हमलों के कारण समुद्री व्यापार ठप पड़ा था, और अब इस पाइपलाइन के बंद होने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की सप्लाई चेन पूरी तरह ध्वस्त होने की कगार पर पहुँच गई है।

इस बड़े फैसले का असर वैश्विक कमोडिटी मार्केट पर तुरंत देखने को मिला है। अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) की कीमतों में एक झटके में भीषण आग लग गई है, और यह $108.97 से बढ़कर $110 प्रति बैरल के पार जा चुका है, जो पिछले कई महीनों का सबसे उच्चतम स्तर है। ऊर्जा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर यह संकट अगले 48 घंटों में नहीं सुलझा, तो कच्चा तेल $115 का आंकड़ा भी पार कर सकता है। इस तेल संकट का सीधा और सबसे बड़ा झटका भारत जैसे बड़े आयातक देश को लगने वाला है। भारतीय तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ गया है, जिससे आने वाले दिनों में देश के भीतर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 से 5 रुपये प्रति लीटर तक की भारी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। इससे देश में मालभाड़ा बढ़ेगा और आम जनता को चौतरफा महंगाई का सामना करना पड़ेगा।

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